Monday, 13 July 2020

यार मेरा!

ज़िंदगी की इस राह में एक नया मोड़ आमाद है,

इस मोड़ का मंज़र कहां, ये सवाल तो बिन जवाब है,

इस मोड़ पे मुड़ना है हमको, ये वक़्त की फरियाद है,

पर ऐ वक़्त मुझको ये बता, क्या इस राह पे मेरा यार है?



ऐ वक़्त इबादत है तुझसे, की मुझे मेरे यार की सौगात दे

जिस छांव में मिली हैं जन्नतें, उस छांव का तू साथ दे,

ऐ वक़्त मुझे मेरा यार दे।

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