इस मोड़ का मंज़र कहां, ये सवाल तो बिन जवाब है,
इस मोड़ पे मुड़ना है हमको, ये वक़्त की फरियाद है,
पर ऐ वक़्त मुझको ये बता, क्या इस राह पे मेरा यार है?
ऐ वक़्त इबादत है तुझसे, की मुझे मेरे यार की सौगात दे
ऐ वक़्त इबादत है तुझसे, की मुझे मेरे यार की सौगात दे
जिस छांव में मिली हैं जन्नतें, उस छांव का तू साथ दे,
ऐ वक़्त मुझे मेरा यार दे।
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